Lodheshwar Mahadev Mandir

लोधेश्वर महादेव मंदिर
लोधेश्वर महादेव मंदिर बाराबंकी में रामनगर तहसील से उत्तर दिशा में बाराबंकी -गोंडा रोड से बायीं ओर लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित है।

Lodheshwar Mahadev Mandiris a temple of Lord Shiva. The deity of Shivling worshiped in this temple is one of the rarest of the 52 Shivlings found on the Shakti Pithas across India. This ancient temple has been mentioned several times in Mahabharat.

पौराणिक महत्व
लोधेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना पांडवो ने अज्ञातवास के दौरान की थी| फाल्गुन का मेला यहाँ खास अहमियत रखता है, पूरे देश से लाखो श्रद्धालू यहाँ शिव रात्रि से पूर्व पहुच कर शिवलिंग पर जल चढाते हैं| माना जाता है की वेद व्यास मुनि की प्रेरणा से पांडवो ने रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया और तत्कालीन गंडक इस समय घाघरा नदी के किनारे कुल्छात्तर नमक जगह पर इस यज्ञ का आयोजन किया गया| महादेवा से २ किलोमीटर उत्तर नदी के पास आज भी कुल्छात्तर में यज्ञ कुंड के प्राचीन निशान मौजूद हैं उसी दौरान इस शिवलिंग की स्थापना पांडवो ने की थी|

Category – Hindu Pilgrimage
District: Barabanki district
Architectural style: Hindu temple architecture
Important festival: Maha Shivaratri
Locale: Ramnagar

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1 Response

  1. Rajbir Singh says:

    very interesting and good know.

    लोधेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना पांडवो ने अज्ञातवास के दौरान की थी| फाल्गुन का मेला यहाँ खास अहमियत रखता है, पूरे देश से लाखो श्रद्धालू यहाँ शिव रात्रि से पूर्व पहुच कर शिवलिंग पर जल चढाते हैं| माना जाता है की वेद व्यास मुनि की प्रेरणा से पांडवो ने रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया और तत्कालीन गंडक इस समय घाघरा नदी के किनारे कुल्छात्तर नमक जगह पर इस यज्ञ का आयोजन किया गया| महादेवा से २ किलोमीटर उत्तर नदी के पास आज भी कुल्छात्तर में यज्ञ कुंड के प्राचीन निशान मौजूद हैं उसी दौरान इस शिवलिंग की स्थापना पांडवो ने की थी|

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