Swami Brahmananda Lodhi

हिन्दुस्तान के मानचित्र में, बुन्देलखण्ड की गौरवशाली माटी में स्थित ग्राम बरहरा, जिला हमीरपुर के लोधवंश के कृषक परिवार में दिनांक 4 दिसम्बर 1894 ई. को जन्में शिशु शिव दयाल को स्वामी ब्रहा्रानन्द जी महाराज के रुप में जाना गया।

परम पूज्य स्वामी ब्रहा्रानन्द जी महाराज ने अपनी कर्म-धर्म क्षमता से बुन्देलखण्ड के गौरव को नये आयाम प्रदान किए। स्वामी जी भगवान गौमत बुद्ध, महात्मा गाँधी, संत कबीर, गुरु रवीन्द्र नाथ टैगोर, मालवीय, सर सैयद अहमद तथा डाॅ अम्बेडकर दिखते थे। त्याग और अनाशक्ति की दृष्टि से वे गौतम बुद्ध, आचरण की शुचिता और संकल्प की दृढ़ता में गांधी, सत्य के उद्घोष, फक्कड़पन और अंधविश्वास के खण्डन में संत कबीर, मानवीय क्षमताओं के परिमार्जन एवं सम्वर्धन में शिक्षा की भूमिका को महत्वपूर्ण मानने में टैगोर, मालवीय एवं सर सैयद अहमद दिखने वाले स्वामी जी, समतामूलक समाज की स्थापना के मूल मंत्र-सर्वजन सुखायः सर्वजन हितायः की वकालत करते समय डाॅ अम्बेडकर दिखते थे।

स्वामी जी भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरु एवं श्री गणेश शंकर विद्यार्थी के अति घनिष्ठ रहते हुए उन्हें प्रेरक दृष्टि देते रहे। महात्मा गांधी के बाद स्वामी जी एक मात्र ऐसे भारतीय संत हैं जिन्होंने अपनी समस्त आध्यात्मिक ऊर्जा का रचनाधर्मी प्रयोग जन कल्याण के लिये विशेष रुप से शिक्षा के क्षेत्र में किया। इसलिये भारत सरकार ने सर सैयद अहमद तथा मालवीय जी की भांति ही स्वामी जी के कृतत्व को सम्मानित करने के लिये दिनांक 14.09.1997 ई. को आपके नाम से दो रुपये मूल्य का डाक टिकट जारी किया है।

Information is sourced and Credited to
http://lodhimahasabha.com/SWAMI-SHRI-BRAHMANAND-JI-LODHI.php

Swami Brahmanand Lodhi Nirvan Din is observed in Bhadrapad month. It is the death anniversary of Swami Brahmananda Lodhi, a great freedom fighter and pious soul. Swami Brahmanand Lodhi Nirvan Din 2017 date is August 21.

Swami Brahmanand Lodhi participated in the in the Salt Satyagraha, Non-Co-operation movement, Quit India Movement and was imprisoned many times.

He was closely associated with the freedom fighters of the era.

The day is of great importance to Lodhi Samaj. Numerous programs are organized on the day, which include philanthropic activities.

Swami Brahmanand Lodhi Nirvan Din is annually observed on Bhadrapad Amavasya Tithi or the no moon day in Bhadra month as per traditional Hindu lunar calendar followed in Madhya Pradesh

Credit
http://www.hindu-blog.com/2015/07/swami-brahmanand-lodhi-nirvan-din-death.html

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Hindu Lodhi International Community